शिकायत निवारण और सतर्कता
नागरिक उड्डयन मंत्रालय सार्वजनिक शिकायतें दर्ज करने, हवाई यात्रा से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए सहायता प्राप्त करने और सतर्कता प्रशासन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए विभिन्न माध्यम उपलब्ध कराता है। निम्नलिखित अनुभाग इन व्यवस्थाओं की जानकारी देते हैं और मंत्रालय की सतर्कता इकाई की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हैं।
केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) एक ऑनलाइन मंच है, जो नागरिकों को लोक प्राधिकरणों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं से संबंधित शिकायतें दर्ज करने में सक्षम बनाता है। यह मंच चौबीसों घंटे उपलब्ध है और भूमिका-आधारित पहुंच की प्रणाली के माध्यम से भारत सरकार के मंत्रालयों और विभागों तथा राज्य सरकारों को जोड़ता है।
नागरिक Google Play Store पर उपलब्ध इसके मोबाइल एप्लिकेशन तथा UMANG मंच के माध्यम से भी CPGRAMS का उपयोग कर सकते हैं।
शिकायत की स्थिति की निगरानी और अपील प्रस्तुत करना
शिकायत दर्ज किए जाने पर एक विशिष्ट पंजीकरण संख्या जारी की जाती है। नागरिक इस संख्या का उपयोग अपनी शिकायत की स्थिति की निगरानी के लिए कर सकते हैं।
शिकायत बंद होने के बाद शिकायतकर्ता प्रतिक्रिया पर अपनी राय दे सकता है। यदि शिकायतकर्ता “खराब” रेटिंग देता है, तो मंच पर अपील प्रस्तुत करने का विकल्प उपलब्ध होता है। अपील की स्थिति शिकायत पंजीकरण संख्या का उपयोग करके देखी जा सकती है।
CPGRAMS के दायरे से बाहर के मामले
निम्नलिखित मामले CPGRAMS के दायरे से बाहर हैं:
- सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम से संबंधित मामले।
- न्यायालय से संबंधित या न्यायाधीन मामले।
- धार्मिक मामले।
- सुझाव।
- सरकारी कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतें, जिनमें अनुशासनात्मक कार्यवाही भी शामिल है, जब तक कि निर्धारित विभागीय माध्यमों का पहले उपयोग न कर लिया गया हो, जैसा कि DoPT कार्यालय ज्ञापन संख्या 11013/08/2013-Estt.(A-III) दिनांक 31 अगस्त 2015 के अनुसार निर्धारित है।
एयरसेवा भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय की एक पहल है, जो हवाई यात्रियों को हवाई यात्रा से संबंधित शिकायतें दर्ज करने और उड़ान संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराती है। यह वेब पोर्टल तथा Android और iOS के लिए मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से उपलब्ध है।
एयरसेवा यात्रियों और विमानन हितधारकों के बीच संवाद को सुगम बनाता है तथा उड़ान की स्थिति, समय-सारणी और हवाई अड्डे से संबंधित जानकारी तक पहुंच प्रदान करता है।
प्रमुख विशेषताएं
- शिकायत प्रबंधन: यात्री और संबंधित हितधारक शिकायत तथा उसके समाधान के संबंध में मंच के माध्यम से संवाद कर सकते हैं।
- उड़ान संबंधी जानकारी: यात्री उड़ान संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और उड़ान की स्थिति की निगरानी कर सकते हैं।
- शिकायत का उच्च स्तर पर संदर्भण: यदि यात्री नोडल अधिकारी द्वारा प्रदान किए गए समाधान से संतुष्ट नहीं है या संबंधित शिकायत श्रेणी, उप-श्रेणी अथवा प्रकार के लिए निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो गई है, तो शिकायत को उच्च स्तर पर भेजा जा सकता है।
- शिकायत का स्थानांतरण: यदि किसी अन्य संस्था द्वारा कार्रवाई की आवश्यकता हो, तो शिकायत को किसी अन्य नोडल प्राधिकरण को स्थानांतरित किया जा सकता है।
- जन प्रतिक्रिया: उपयोगकर्ता नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए चर्चा विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत कर सकते हैं।
- हवाई किराए से संबंधित शिकायतें: एक समर्पित “हवाई किराया” शिकायत प्रकार यात्रियों को अत्यधिक हवाई किराए से संबंधित चिंताएं दर्ज करने में सक्षम बनाता है।
- अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन संबंधी शिकायतें: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) श्रेणी के अंतर्गत “अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन” शिकायत प्रकार यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन से संबंधित शिकायतें दर्ज करने और उन्हें उचित प्राधिकरण को भेजने में सक्षम बनाता है।
यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष (PACR) को 10 दिसंबर 2025 को नागरिक उड्डयन मंत्रालय में विमानन संचालन की वास्तविक समय निगरानी और यात्रियों की शिकायतों के त्वरित निवारण में सहायता के लिए कार्यशील किया गया।
उदान भवन, नई दिल्ली में स्थित PACR चौबीसों घंटे कार्य करता है। इसमें नागरिक उड्डयन मंत्रालय, DGCA, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), एयरलाइनों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं, जो यात्री सहायता और शिकायतों के समाधान के लिए समन्वय करते हैं।
एयरसेवा को PACR के साथ एकीकृत किया गया है। नियंत्रण कक्ष एयरसेवा, ईमेल, सोशल मीडिया और टेलीफोन कॉल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की निरंतर निगरानी करता है, ताकि संबंधित हितधारकों द्वारा समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। भौतिक पत्रों के माध्यम से भी शिकायतें प्राप्त की जाती हैं।
इसके शुभारंभ से अगस्त 2026 तक, एकीकृत PACR और एयरसेवा व्यवस्था के माध्यम से 93,000 से अधिक यात्री शिकायतों का समाधान किया गया।
PACR से संपर्क करें
टेलीफोन: 011-24604283 / 011-24632987
यात्रियों की शिकायतों का निवारण कैसे किया जाता है
- प्राप्ति और निगरानी: PACR को टेलीफोन कॉल, ईमेल, भौतिक पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से यात्रियों की शिकायतें प्राप्त होती हैं। टीम मंत्रालय के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल या पूर्वनिर्धारित विमानन संबंधी कीवर्ड का उल्लेख करने वाली पोस्ट की पहचान करने के लिए QuickMetrix नामक सोशल मीडिया निगरानी उपकरण का उपयोग करती है।
- प्रारंभिक जांच: पोस्ट को जांच के लिए PACR ऑपरेटरों को सौंपा जाता है। जिन पोस्ट पर कार्रवाई की आवश्यकता नहीं होती, उन्हें उचित टिप्पणी के साथ बंद कर दिया जाता है।
- जानकारी का सत्यापन: कार्रवाई की आवश्यकता वाली शिकायतों के लिए ऑपरेटर यह जांचता है कि आवश्यक विवरण उपलब्ध हैं या नहीं। यदि जानकारी अधूरी होती है, तो आवश्यक विवरण प्राप्त करने के लिए यात्री से संपर्क किया जाता है।
- कार्रवाई के लिए संदर्भण: आवश्यक जानकारी उपलब्ध होने के बाद, शिकायत को कार्रवाई के लिए PACR में संबंधित एयरलाइन प्रतिनिधि को भेजा जाता है।
- निगरानी: मंत्रालय और AAI के पर्यवेक्षी अधिकारी प्रगति की निगरानी करते हैं और समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित हितधारकों के साथ अनुवर्ती कार्रवाई करते हैं।
- सूचना और समापन: की गई कार्रवाई की जानकारी उचित माध्यम से यात्री को दी जाती है। इसके बाद शिकायत को बंद कर दिया जाता है और निगरानी तथा अभिलेखीय उद्देश्यों के लिए उसका विवरण सुरक्षित रखा जाता है।
सतर्कता इकाई नागरिक उड्डयन मंत्रालय में सतर्कता संबंधी मामलों तथा इसके प्रशासनिक नियंत्रणाधीन संगठनों के साथ समन्वय के लिए नोडल इकाई है।
इस इकाई का नेतृत्व एक संयुक्त सचिव द्वारा किया जाता है, जिन्हें मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) के रूप में नामित किया जाता है। CVO की सहायता एक निदेशक, एक अवर सचिव और एक अनुभाग द्वारा की जाती है, जिसका नेतृत्व एक अनुभाग अधिकारी करते हैं। मंत्रालय के अधीन संगठन तथा संबद्ध या अधीनस्थ कार्यालयों में अपनी-अपनी सतर्कता व्यवस्थाएं हैं और वे मंत्रालय की सतर्कता इकाई के साथ समन्वय में कार्य करते हैं।
उद्देश्य
सतर्कता इकाई का उद्देश्य भ्रष्टाचार और कदाचार को रोकना, लोक प्रशासन में सत्यनिष्ठा को बढ़ावा देना तथा निर्णय लेने में पारदर्शिता को मजबूत करना है। यह अधिकारियों को निष्पक्ष और तर्कसंगत निर्णय लेने में सहायता करती है, निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन को प्रोत्साहित करती है और नैतिक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देती है।
इसके कार्य तीन व्यापक क्षेत्रों में आते हैं: निवारक सतर्कता, दंडात्मक सतर्कता तथा निगरानी और पता लगाना।
मुख्य सतर्कता अधिकारी की भूमिका
CVO सतर्कता मामलों में मंत्रालय या संगठन के प्रमुख को सलाह देते हैं तथा केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के साथ समन्वय के लिए नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करते हैं।
निवारक सतर्कता
- प्रक्रियाओं और कार्यप्रणालियों की समीक्षा कर उन क्षेत्रों की पहचान करना, जिनमें संशोधन या सरलीकरण की आवश्यकता है।
- प्रशासनिक विलंब के कारणों की पहचान करना और उन्हें कम करने के उपायों की सिफारिश करना।
- नियामक कार्यों और उनके निष्पादन के तरीके की समीक्षा कर सुधार की संभावनाओं की पहचान करना।
- निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार विवेकाधीन शक्तियों के पारदर्शी और निष्पक्ष प्रयोग को बढ़ावा देना।
- नागरिकों के लिए प्रक्रियाओं को समझने और उनका उपयोग करने में सरल बनाना।
- संवेदनशील पदों और भ्रष्टाचार की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करना, सिद्ध सत्यनिष्ठा वाले अधिकारियों की नियुक्ति को बढ़ावा देना और लागू निर्देशों के अनुसार समय-समय पर स्थानांतरण सुनिश्चित करना।
- स्पष्ट आंतरिक प्रक्रियाएं, जिम्मेदारियां और नियंत्रण स्थापित करना।
- खरीद, अनुबंध, भर्ती और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों से संबंधित नियम-पुस्तिकाओं का रखरखाव और अद्यतन सुनिश्चित करना तथा उन्हें लागू सरकारी और CVC निर्देशों के अनुरूप रखना।
- प्रभावी व्हिसलब्लोअर तंत्र विकसित करना और निवारक सतर्कता को मजबूत करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना।
- संपत्ति और अधिग्रहण, उपहार, रिश्तेदारों के व्यापार या व्यवसाय में संलग्न होने तथा सत्यनिष्ठा से संबंधित अन्य आवश्यकताओं से संबंधित आचरण नियमों के अनुपालन की निगरानी करना।
- निर्धारित आवश्यकताओं के अनुसार अचल संपत्ति विवरणों की जांच करना और संदिग्ध बेनामी लेनदेन की निगरानी करना।
- आंतरिक लेखा परीक्षा रिपोर्ट, सांविधिक लेखा परीक्षा रिपोर्ट, भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट तथा निरीक्षण रिपोर्टों में सतर्कता से संबंधित मुद्दों की जांच करना।
- प्रक्रियागत कमजोरियों और संदिग्ध कदाचार की पहचान करने के लिए नियमित और आकस्मिक निरीक्षण करना।
- लागू निर्देशों के अनुसार सहमत सूची और संदिग्ध सत्यनिष्ठा वाले अधिकारियों की सूची का रखरखाव और समीक्षा करना।
- CVC के निर्देशों के अनुसार सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आयोजन करना।
- लागू व्यवस्था के अंतर्गत सतर्कता मामलों पर अनुशासनात्मक और अपीलीय प्राधिकारियों को सलाह देना।
दंडात्मक सतर्कता
- प्रत्येक चरण में सतर्कता मामलों की त्वरित प्रक्रिया सुनिश्चित करना और यह जांचना कि मामले में सतर्कता संबंधी पहलू शामिल है या नहीं।
- आरोप-पत्र, आरोपों का विवरण तथा गवाहों और दस्तावेजों की सूचियां सावधानीपूर्वक तैयार करना और उन्हें संबंधित अभिलेखों से समर्थित करना।
- लागू प्रक्रिया के अनुसार दस्तावेजों और गवाहों के बयानों की आपूर्ति में सुविधा प्रदान करना।
- जांच अधिकारियों और प्रस्तुतिकरण अधिकारियों की समय पर नियुक्ति तथा आवश्यक अभिलेखों को शीघ्र भेजना सुनिश्चित करना।
- बचाव का उचित अवसर सुनिश्चित करते हुए अनावश्यक विलंब को रोकने के लिए जांच की निगरानी करना।
- अनुशासनात्मक प्राधिकारी द्वारा विचार और अंतिम आदेश के लिए जांच रिपोर्टों को शीघ्र संसाधित करना।
- यह जांचने के लिए अधीनस्थ अनुशासनात्मक प्राधिकारियों के आदेशों की समीक्षा करना कि पुनर्विचार आवश्यक है या नहीं।
- जांच में CBI को उचित सहायता प्रदान करना और सतर्कता मामलों में न्यायालयी कार्यवाही से संबंधित कार्रवाई का समन्वय करना।
- निर्धारित चरणों पर CVC से परामर्श करना और आवश्यक विवरण समय पर प्रस्तुत करना।
- मंत्रालय और उसके अधीनस्थ कार्यालयों में सतर्कता व्यवस्थाओं की पर्याप्तता की समीक्षा करना।
- सेवानिवृत्ति के निकट अधिकारियों से संबंधित मामलों की निगरानी करना, ताकि विलंब, अभिलेखों की हानि या निर्धारित समय के भीतर आदेशों के कार्यान्वयन में विफलता को रोका जा सके।
- सतर्कता संबंधी मुद्दों और सुधारात्मक उपायों की समीक्षा के लिए CVC, CBI, संगठनों के प्रमुखों और CVOs के साथ बैठकों का समन्वय करना।
ये दिशानिर्देश आधिकारिक आचरण के अपेक्षित मानकों को स्पष्ट करते हैं। कर्मचारियों को उन पर लागू आचरण नियमों, अनुशासनात्मक नियमों, स्थायी आदेशों और निर्देशों का पालन करना चाहिए।
अपेक्षित आचरण
- सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता, पेशेवर दक्षता और कर्तव्य के प्रति समर्पण बनाए रखना।
- सौंपे गए कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना और संगठन के उद्देश्यों में योगदान देना।
- नागरिकों, सहकर्मियों और अधीनस्थों के साथ शिष्टता और निष्पक्षता से व्यवहार करना।
- तर्कसंगत निर्णय लेना और संबंधित फाइल पर सलाह या कार्रवाई के आधार को स्पष्ट रूप से दर्ज करना।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध निर्देशों का पालन करना।
- जहां आवश्यक हो, मुख्यालय छोड़ने से पहले अनुमति प्राप्त करना और आधिकारिक आवागमन की जानकारी पर्यवेक्षी प्राधिकारी को देना।
- गलतियों को तुरंत स्वीकार करना और उचित सुधारात्मक कार्रवाई करना।
- व्यक्तिगत हितों को आधिकारिक जिम्मेदारियों से अलग रखना।
- दावों की सटीकता की जांच करने के बाद उन्हें समय पर प्रस्तुत करना तथा सभी हस्ताक्षरों और आद्याक्षरों पर तारीख अंकित करना।
- सरकारी संपत्ति की सुरक्षा करना और सरकारी आवास, वाहनों, टेलीफोन तथा अन्य सुविधाओं का उपयोग केवल अधिकृत उद्देश्यों के लिए करना।
- व्यापार, व्यवसाय, बीमा या कमीशन आधारित गतिविधियों में संलग्न परिवार के सदस्यों से संबंधित निर्धारित घोषणाएं प्रस्तुत करना।
- आवश्यकतानुसार दिवालियापन की कार्यवाही या दिवालिया घोषित किए जाने की सूचना सक्षम प्राधिकारी को देना।
- रिश्वत, दहेज, विवाह और निषिद्ध पदार्थों से संबंधित कानूनों और नियमों सहित लागू कानूनों और नियमों का पालन करना।
जिन आचरणों से बचना चाहिए
- लापरवाही, कर्तव्य के प्रति समर्पण की कमी या मनमाना निर्णय लेना।
- व्यक्तिगत पसंद, पूर्वाग्रह, दबाव या निहित स्वार्थों से प्रभावित निर्णय।
- पद के लिए अपेक्षित निर्णय क्षमता और जिम्मेदारी का निर्वहन करने के बजाय दूसरों पर अनुचित निर्भरता।
- किसी अपराध के लिए उकसाने वाले प्रदर्शनों में भाग लेना।
- सार्वजनिक या निजी जीवन में ऐसा आचरण जो लागू आचरण नियमों का उल्लंघन करता हो या संगठन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता हो।
- अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए नियमों या प्रक्रियाओं से बचने का प्रयास करना।
- अपनी आय से अधिक खर्च करना, लगातार ऋणग्रस्त रहना या ऐसी देनदारियां स्वीकार करना जो आधिकारिक स्वतंत्रता से समझौता कर सकती हों।
- प्रत्यक्ष रूप से या परिवार के सदस्यों के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों के साथ वित्तीय लेनदेन करना, जिनके साथ कर्मचारी का आधिकारिक व्यवहार है या होने की संभावना है और जिससे कर्मचारी पर कोई दायित्व उत्पन्न हो।
- आधिकारिक जानकारी या गोपनीय व्यावसायिक जानकारी का अनधिकृत खुलासा करना।
- लाभ प्राप्त करने या रिश्तेदारों अथवा अन्य व्यक्तियों के लिए रोजगार सुनिश्चित करने के लिए आधिकारिक पद या प्रभाव का दुरुपयोग करना।
- अनुचित लाभ, उपहार या सुविधाओं को स्वीकार करना या मांगना।
- कार्यवृत्त, हस्ताक्षर या अन्य आधिकारिक अभिलेखों पर पिछली तारीख अंकित करना।
- सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग करना, जिसमें आवंटित आवास को अनधिकृत रूप से उप-किराए पर देना भी शामिल है।
- लागू सुरक्षा निर्देशों के विपरीत मंत्रालय या संगठन के परिसर में कैमरे या हथियार लाना।
कर्मचारियों को अनुचित अनुरोधों को विनम्रता और दृढ़ता से अस्वीकार करना चाहिए तथा सत्यनिष्ठा से संबंधित चिंताओं की सूचना निर्धारित माध्यमों से देनी चाहिए।
सतर्कता एक प्रबंधन संबंधी जिम्मेदारी है, जिसे सभी पर्यवेक्षी अधिकारियों द्वारा साझा किया जाता है। प्रभावी पर्यवेक्षण, स्पष्ट प्रक्रियाएं और समय पर लिए गए निर्णय भ्रष्टाचार तथा संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने में सहायता करते हैं।
पर्यवेक्षी अधिकारियों की जिम्मेदारियां
- सत्यनिष्ठा बनाए रखना और समय-समय पर अपने आचरण तथा पेशेवर जिम्मेदारियों का स्वयं मूल्यांकन करना।
- आरोपों पर निष्पक्ष रूप से विचार करना और कर्मचारी के आचरण के संबंध में पहले से कोई धारणा न बनाना।
- विशिष्ट आरोपों का सत्यापन करना और संबंधित मौखिक तथा दस्तावेजी साक्ष्य निष्पक्ष रूप से एकत्र करना।
- विश्वसनीय सूचना तंत्र विकसित करना और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित तथा आकस्मिक जांच करना।
- उन स्थानों का दौरा करना जहां आम जनता अधिकारियों के साथ संपर्क करती है, ताकि सेवा संबंधी कठिनाइयों और संभावित कदाचार की पहचान की जा सके।
- निर्धारित प्रक्रियाओं के माध्यम से सत्यनिष्ठा संबंधी चिंताओं की निगरानी करना और जहां आवश्यक हो, समय पर कार्रवाई करना।
- प्राप्तियों, फाइलों और अन्य कार्यों के निपटान के लिए उचित समय-सीमा निर्धारित और लागू करना।
- कर्मचारियों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना।
- संपत्ति, अधिग्रहण, उपहार, बेनामी लेनदेन और संगठन के साथ आधिकारिक व्यवहार रखने वाली संस्थाओं में रिश्तेदारों के रोजगार से संबंधित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना।
- पदोन्नति के लिए कर्मचारियों की अनुशंसा करते समय सत्यनिष्ठा का आकलन करना और निर्धारित प्रमाणन प्रदान करना।
- शिकायतों की शीघ्र जांच के लिए प्रभावी प्रणाली बनाए रखना।
- आधिकारिक जानकारी को अनधिकृत खुलासे या बिक्री से सुरक्षित रखना और लागू आवश्यकताओं के अनुसार जनता को जानकारी उपलब्ध कराना।
- जटिल प्रक्रियाओं की पहचान करना और सुधार की सिफारिश करना।
- चोरी, अपव्यय, सूचना के रिसाव और संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना।
- सतर्कता इकाई के समन्वय से जांच को निष्पक्ष रूप से और अनावश्यक विलंब के बिना पूरा करना।
- लागू CVC निर्देशों के अनुसार भ्रष्टाचार की रिपोर्टिंग से संबंधित जानकारी, जिसमें संबंधित संपर्क विवरण शामिल हैं, प्रदर्शित करना।
