हमारे बारे में
भारत सरकार का नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारत में नागरिक उड्डयन के विकास और विनियमन के लिए राष्ट्रीय नीतियां और कार्यक्रम बनाने के लिए जिम्मेदार है। यह हवाई परिवहन, हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे और इससे जुड़ी विमानन सेवाओं के व्यवस्थित विकास के लिए नीतिगत और कानूनी ढांचा तैयार करता है।
यह मंत्रालय राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, विमानन संगठनों और उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करता है, ताकि हवाई संपर्क को बेहतर बनाया जा सके, विमानन विकास को बढ़ावा दिया जा सके और यात्रियों तथा व्यवसायों की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
हमारे कार्य
मंत्रालय की जिम्मेदारियों में निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:
नागरिक उड्डयन नीति और कानून: नीतियां, कार्यक्रम और विधायी प्रस्ताव तैयार करना, तथा 'भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024' और इस क्षेत्र से संबंधित अन्य कानूनों का प्रशासन करना।
हवाई परिवहन और कनेक्टिविटी: घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन (जिसमें यात्रियों और माल की ढुलाई शामिल है) के लिए नीतिगत ढांचा तैयार करना, और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कार्यक्रम लागू करना।
हवाई अड्डे और हवाई नेविगेशन: हवाई अड्डों के विकास (नए हवाई अड्डों सहित) से जुड़े नीतिगत मामलों को देखना, तथा हवाई नेविगेशन सेवाएं और सहायक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना।
उड्डयन उद्योग का विकास: वाणिज्यिक उड्डयन विनिर्माण और इसके इकोसिस्टम के विकास को बढ़ावा देना; साथ ही एयर कार्गो, विमान रखरखाव, लीजिंग, प्रशिक्षण और उभरती प्रौद्योगिकियों से संबंधित नीतिगत पहल करना।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: द्विपक्षीय हवाई सेवा मामलों को संभालना, अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के साथ जुड़ना, और मंत्रालय को सौंपे गए विषयों से संबंधित संधियों और समझौतों पर काम करना।
समन्वय और निगरानी: अपने प्रशासनिक दायरे में आने वाले संगठनों को नीतिगत मार्गदर्शन देना, उनकी गतिविधियों की निगरानी करना, और संसद के साथ उनके संवाद को सुविधाजनक बनाना।
