घरेलू यातायात Domestic traffic
- प्रस्थान उड़ानें2,904
- प्रस्थान यात्री4,35,062
- आगमन उड़ानें2,933
- आगमन यात्री4,40,458
- विमानों की कुल आवाजाही5,837
- हवाई अड्डों पर कुल फुटफॉल8,75,520
अंतरराष्ट्रीय यातायात International traffic
- प्रस्थान उड़ानें521
- प्रस्थान यात्री90,808
- आगमन उड़ानें535
- आगमन यात्री1,01,022
- विमानों की कुल आवाजाही1,056
- हवाईअड्डों पर कुल फुटफॉल1,91,830
ऑन टाइम परफॉर्मेंस On Time Performance
- इंडिगो91.10%
- एअर इंडिया95.56%
- स्पाइसजेट54.50%
- एयर इंडिया एक्सप्रेस81.66%
- एलाइंस एयर98.00%
- अकासा एयर96.74%
पैसेंजर लोड फैक्टर Passenger Load Factor
- इंडिगो85.19%
- एअर इंडिया86.80%
- स्पाइसजेट91.70%
- एयर इंडिया एक्सप्रेस88.19%
- एलाइंस एयर70.00%
- अकासा एयर93.04%
उड़ान (आरसीएस) UDAN (RCS)
- हवाईअड्डे*93(Including 15 heliports & 02 water aerodromes)
- मार्ग657Up to 02 Jan 2026
- प्रचालक10
- उड़ानें3.34 Lakhs
- यात्री159 LakhsTill 02 Jan 2026
- व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषणINR 4472.29 CroresTill 02 Jan 2026
एयर सेवा ग्रीवान्सेस (वॉल्यूम के अनुसार) Air Sewa Grievances (by volume)
- प्राप्त212
- प्राप्त (तारीख तक)1,71,649
- हल किया266+Previous 54
- हल किया (तारीख तक)1,71,258
- लंबित0
- लंबित (तारीख तक)391
एयर सेवा ग्रीवान्सेस (प्रकार के अनुसार) Air Sewa Grievances (by type)
- रिफंड97
- बैगेज29
- चेक-इन09
- सुरक्षा जाँच01
- भोजन0
- अन्य76
एयर सेवा ग्रीवान्सेस (इकाई के अनुसार) Air Sewa Grievances (by entity)
- डीजीसीए32
- एतिहाद एयरवेज29
- कतर एयरवेज29
- सिक्योरिटी19
- गल्फ़ एयर17
- इंडिगो14
हवाईअड्डे Airports
- प्रचालनीक163
- अंतर्राष्ट्रीय*33Incl JV airports
- सीमाशुल्क12
- अन्तर्देशीय*118Incl State Govt/ Private airports
- संयुक्त वेंचर इंटरनेशनल7
- राज्य सरकार / निजी20
ड्रोन Drones
- प्रमाण पत्र का प्रकार148
- यूआईएन जारी38,575
- ड्रोन स्कूल244
- प्रमाणित पायलट39,890
- जारी डीएएन29,459
- छूट प्राप्त परियोजनाएं90
कार्गो (एमटी . में) Cargo (In MT)
- आगमनकर्ता (अंतरराष्ट्रीय)86
- आगमनकर्ता (घरेलू)29
- प्रस्थानकर्ता (अंतरराष्ट्रीय)294
- प्रस्थानकर्ता (घरेलू)22
- कुल (अंतरराष्ट्रीय)380
- कुल (घरेलू)51
*Int - International
*Dom - Domestic
एएएसएससी द्वारा कौशल प्रशिक्षण Skilling by AASSC
- अभ्यर्थी प्रमाणित27,285
- प्रशिक्षक प्रमाणित396
- निर्धारक प्रमाणित83
- नौकरी की भूमिकाएँ विकसित हुईं76
- मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण केंद्र114
- प्रशिक्षण सहयोगी संबद्ध62
इग्रुआ द्वारा कौशल प्रशिक्षण Skilling by IGRUA
- पाठ्यक्रम और गतिविधियां16
- पंजीकृत विद्यार्थी1,769
- पासआउट विद्यार्थी1,736
- उड़ान के घंटे3,63,369
रग्नौ द्वारा कौशल प्रशिक्षण Skilling by RGNAU
- पाठ्यक्रमों की संख्या3 (Number of batches of 03 courses - 30)
- अभ्यर्थियों की संख्या1,158
- उम्मीदवार जो पास आउट हो गए791
- रोजगार प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी740
आगामी कार्यक्रम Upcoming Events
जल्द आ रहा है
प्रेस रिलीज
Press Release
एक्स
X
The future belongs to nations that invest early in capability, technology, and resilience.
India's defence journey over the last 12 years offers a compelling example of this principle in action. Across air, land, and naval domains, India has expanded indigenous capabilities,… pic.twitter.com/CCqs4I5wmR— MyGovIndia (@mygovindia) June 17, 2026
रक्षा का दशक
▪️बेहतर सामर्थ्य, अधिक वहन क्षमता और अत्यधिक विश्वसनीयता
🔹वर्ष 2014 से 2026 के बीच भारत के रक्षा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। इस दशक में देश ने अपनी सामर्थ्य, तकनीकी दक्षता और वैश्विक विश्वसनीयता को नई मजबूती दी है। यह बदलाव सुधारों, बढ़े हुए… pic.twitter.com/2AElxHZU6a— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) June 17, 2026
India’s defence sector has seen a major transformation over the last 12 years.
With advancements across air, land, and sea domains, India has strengthened indigenous capabilities, modernised its armed forces, and accelerated self-reliance through innovation and strategic… pic.twitter.com/8ZfBbgB77y— MyGovIndia (@mygovindia) June 17, 2026
After a wait of 23 years, INS Vikrant was commissioned into the Indian Navy in 2022. India's first indigenous aircraft carrier marked a historic milestone in maritime self-reliance and naval capability. #12YearsOfSurakshitBharat pic.twitter.com/bZm6Wu1x30
— PIB India (@PIB_India) June 17, 2026
India's infrastructure transformation over the last 12 years has accelerated mobility, strengthened logistics, and unlocked new avenues of growth. Greater connectivity is not only reducing distances but also expanding opportunities and strengthening the foundations of a more… pic.twitter.com/9J93lUFN4C
— DD India (@DDIndialive) June 16, 2026
फोकस में
In focus
- नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साइबर सुरक्षा प्रकोष्ठ में एक युवा पेशेवर की नियुक्ति
- नागरिक उड्डयन मंत्रालय में विशुद्ध रूप से संविदा के आधार पर एक (01) युवा पेशेवर (YP) की नियुक्ति हेतु आवेदन आमंत्रित।
- विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो में परामर्शदाता (प्रशासन) तथा परामर्शदाता (वेतन एवं नकद) के पदों हेतु संविदा आधार पर रिक्तियों संबंधी विज्ञापन
फोटो गैलरी
Photo gallery
वीडियो गैलरी
Video gallery
मीडिया गैलरी
Media gallery
मंत्रालय के बारे में
About the Ministry
नई दिल्ली, सफदरजंग हवाईअड्डे पर राजीव गांधी भवन में स्थित नागर विमानन मंत्रालय विकास के लिए राष्ट्रीय नीतियों एवं कार्यक्रमों के गठन तथा देश में नागर विमानन सेक्टर के विनियमन के लिए उत्तरदायी है। यह विमान अधिनियम, 1934, विमान नियम 1937 तथा विमान सेक्टर से सबंधित अनेक अन्या विधायों के प्रशासन के लिए भी उत्तरदायी है। यह मंत्रालय संबद्ध तथा स्वायत्तनशासी संगठनों यथा नागर विमानन महानिदेशालय, नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी एवं संबद्ध सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम यथा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और पवन हंस हेलीकॉप्टकर लिमिटेड पर प्रशासनिक नियंत्रण संबंधी कार्य करता है। रेल संरक्षा आयोग, जो कि रेल ट्रेवल तथा रेलवे अधिनियम, 1989 के प्रावधानों की शर्तों के तहत प्रचालन की सुरक्षा के लिए उत्तररदायी है, भी इस मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत आता है।
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